डिंडोरी कांग्रेस में बड़ा भूचाल: पूर्व विधायक भूपेंद्र मरावी की 'खामोशी' से नाराज सोशल मीडिया अध्यक्ष संजय दुबे ने दिया इस्तीफा
डिंडोरी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर अंदरूनी कलह और असंतोष की खबरें एक बार फिर सुर्खियां बटोर रही हैं। ताजा मामला डिंडोरी जिले से सामने आया है, जहाँ कांग्रेस के कद्दावर और समर्पित ब्राह्मण नेता आदरणीय संजय दुबे ने डिंडोरी जिला कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
संजय दुबे का यह इस्तीफा क्षेत्र के पूर्व विधायक, राष्ट्रीय सचिव एवं झारखंड प्रभारी भूपेंद्र मरावी की कार्यप्रणाली और कथित "रहस्यमयी खामोशी" के खिलाफ एक बड़े विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
मीनाक्षी नटराजन प्रकरण और विक्रांत भूरिया की गिरफ्तारी ने बढ़ाई रार
मामले की जड़ें कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी नटराजन से जुड़े हालिया घटनाक्रम से जुड़ी हैं। इस पूरे प्रकरण में जहाँ एक तरफ युवा कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया पूरी ताकत से मैदान में उतरे और आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कॉलर पकड़कर खींचकर ले जाए जाने जैसी बर्बरता का शिकार हुए, वहीं दूसरी तरफ डिंडोरी और शाहपुरा क्षेत्र के कद्दावर नेता भूपेंद्र मरावी पूरे परिदृश्य से गायब नजर आए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भूपेंद्र मरावी ने जीवन भर मीनाक्षी नटराजन के राजनीतिक संरक्षण का लाभ लिया, लेकिन जब नटराजन जी के पक्ष में खड़े होने और सड़कों पर उतरने का समय आया, तो उन्होंने कोई सक्रियता नहीं दिखाई। न तो उनका कोई आधिकारिक वक्तव्य सामने आया और न ही उन्होंने किसी आंदोलन का नेतृत्व किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस संकट की घड़ी में मरावी चुपचाप अपने घरों में बैठे रहे।
निष्ठावान कार्यकर्ता संजय दुबे का छलका दर्द
पिछले कई वर्षों से भूपेंद्र मरावी के साथ कदम से कदम मिलाकर डिंडोरी में कांग्रेस को मजबूत करने वाले सोशल मीडिया अध्यक्ष संजय दुबे इस उदासीनता से बेहद आहत हुए। एक सच्चे और समर्पित कांग्रेसी होने के नाते, वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ हो रहे इस व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर पाए।
संजय दुबे ने प्रदेश अध्यक्ष चंचलेश व्यास (नंददेव व्यास जी) को संबोधित करते हुए अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है।
इस्तीफे का सच: क्या लिखा है पत्र में?
साझा की गई फ़ाइल 31831.jpg के अनुसार, संजय दुबे ने सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) के माध्यम से अपना इस्तीफा आधिकारिक तौर पर भेजा है, जिसमें उन्होंने लिखा है:
"भैया मैं अपने पद से कार्यमुक्त होना चाहता हु मेरा ज्यादातर समय दूसरे राज्य और अपने परिवार में चला जाता है इसलिए मैं पार्टी का कार्य करने में असमर्थ हु आप ये जबाबदारी किसी अन्य कार्यकर्ता को दे दीजिये 🙏🙏"
- संजय दुबे (अध्यक्ष सोशल मीडिया विभाग, डिंडोरी)
यद्यपि पत्र में उन्होंने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है, लेकिन स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि यह इस्तीफा भूपेंद्र मरावी की निष्क्रिय कार्यप्रणाली और शीर्ष नेताओं के प्रति उनके उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ उपजे गहरे असंतोष का सीधा परिणाम है।
सामान्य कार्यकर्ता के रूप में करते रहेंगे सेवा
संजय दुबे ने स्पष्ट किया है कि वे पद से इस्तीफा दे रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा कम नहीं होगी। वे एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह हमेशा कांग्रेस की सेवा करते रहेंगे। अब देखना यह होगा कि डिंडोरी कांग्रेस के इस कद्दावर ब्राह्मण चेहरे के इस्तीफे के बाद, प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है और भूपेंद्र मरावी इस पूरे विवाद पर क्या सफाई देते हैं।
