कबीरधाम में स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में
विभाग जिला कबीरधाम मना रहा है सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ में जहां शासित भाजपा सरकार एक तरफ सुशासन तिहार मना रही है और भारत की आजादी की रजत जयंती की तैयारी कर रही है वही दूसरी तरफ देखें तो स्वास्थ्य विभाग जिला कबीरधाम के आला अधिकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पंडरिया और बोड़ला शायद कुंभ करनी निद्रा के अधीन है
विकासखंड पंडरिया और बोड़ला जो की मूलत पहुंच विहीन और पिछड़े आदिवासी जनजातियों का क्षेत्र है जहां पर स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल ही ठप है दोनों विकास खंड के चिकित्सा अधिकारियों को जनमानस की सुध ही नहीं है
दिनांक 4 जून 2025 को मंत्रिपरिषद छत्तीसगढ़ की बैठक में नई स्थानांतरण नीति लागू की गई जिसके लागू होते ही पूर्व में समस्त विभागों के संलग्नीकरण एवं कार्य आदेश स्वयं ही निरस्त हो गए समस्त विभागों में इसका पालन किया गया सिर्फ स्वास्थ्य विभाग कबीरधाम को छोड़कर ,स्वास्थ्य विभाग कबीरधाम के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दिनांक 15 7.2025 को आदेश क्रमांक/ स्थापना अवि,/ 2025/ 4352 के अनुसार आदेश निकाला की जिला स्तरीय संलग्न सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों का संलग्नीकरण दिनांक 5 6.2025 से निरस्त माना जाए किंतु मजाल है कि किसी भी विकासखंड के खंड चिकित्सा अधिकारियों के कान पर जूं तक रेंग जाए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कबीरधाम के खुद के कार्यालय में संलग्नीकरण समाप्त नहीं किया गया है तो ऐसा आदेश क्या सिर्फ दिखाने के लिए है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया में पदस्थ बीडीएम श्रीमती प्रिया तंबोली जिसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कबीरधाम में संलग्न कर रखा गया है और राहुल पाठक कंप्यूटर ऑपरेटर जिनकी मूल पद स्थापना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कबीरधाम में है उसे बीडीएम का प्रभार देकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया भेजा गया है अजीब गोरख धंधा है यहां के कर्मचारियों को वहां और वहां के कर्मचारियो को यहां
हद तो यह है की सुदूर वनांचल आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियो को उनकी मनचाही सुविधाजनक मैदानी क्षेत्रों में कार्य करने की छूट दी गई है जहां पर स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है और खुद स्वास्थ्य विभाग बीमार है
दुख तो यह है कि बोड़ला विकासखंड के सुदूर वलांचल क्षेत्र ऊसररवाही जंगल में रह रहे गणेश जांगड़े का संलग्नीकरण विकासखंड पंडरिया में उनके निवास स्थान पर संल्ग्न् करके सुपरवाइजर का प्रभार देकर पंडरिया विकासखंड बीएमओ के द्वारा कार्य लिया जा रहा है जबकि उसरवाही जंगल और विकासखंड बोड़ला वर्तमान में मलेरिया जैसे बीमारी से जूझ रहा है इसी तारीख में विकासखंड पंडरिया के खंड चिकित्सा अधिकारी तो जैसे फास्ट ड्राइविंग सीट पर बैठे हैं उनके द्वारा तो मौखिक आदेश से ही संलग्नीकरण किया जा रहा है वह किसी कागज के आदेश के मोहताज नहीं है उनकी जुबान विभाग में टकसाल के सिक्के की तरह चल रही है पंडरिया में लगभग 6 मेडिकल ऑफिसर उपलब्ध है इसके बावजूद भी खंड चिकित्सा अधिकारी पंडरिया के द्वारा क्षीरपानी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक श्री राजेश साहू को पंडरिया में बिना किसी लिखित आदेश के संलग्न कर रखा गया है श्री राजेश साहू द्वारा ना तो ओपीडी देखा जाता बल्कि उन्हें अस्पताल अधीक्षक बनाकर रखा गया है जिनका कार्य अस्पताल परिसर में बिना किसी वजह के घूमते रहना है और कर्मचारियों को परेशान करना है कि उन्हें शासकीय परिसर में बिना शुल्क के मुफ्त में आवास उपलब्ध कराया गया है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षीरपानी को यूं ही छोड़ दिया गया है सुदूर वनांचल क्षेत्र छीरपानी के मरीज भगवान भरोसे हैं क्योंकि वहां पर ग्रामीण चिकित्सा सहायक शैलेश पांडेय का 20 दिन पूर्व बिलासपुर ट्रांसफर हो गया है किन्तु मूल पदस्थ राजेश साहू को आज तक पंडरिया से छीरपानी हेतु कार्यमुक्त नहीं किया गया है शायद यही सुशासन है इसी तरह नरसिंहपुर से rho भगवती पनागर को सीएससी पंडरिया,rho रमा चंद्राकर को shc महली से chc पंडरिया,rho सफुरा भास्कर को मोहगंव से पंडरिया rho पिंकी कुर्रे चियाडांड को chc पंडरिया,किरण साहू rho को कुम्ही से जिला चिकित्सालय कवर्धा,स्टाफ नर्स मधु साहू को सीएससी पंडरिया से पांडातराई स्टाफ नर्स नेहा चंद्रवंशी को सीएससी पंडरिया से रुसे और ऐसे ही कई नाम है जिन्हें उनकी सुविधा अनुसार उनके निवास स्थान पर या ससुराल में लंबी मोटी रकम लेनदेन करके शासन के आदेशों को चुना लगाकर शासन के आदेशों की अवहेलना कर उनके व्यक्तिगत हिताय व्यक्तिगत सुखाय को साबित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग कबीरधाम विशेष आकर्षण का केंद्र है स्वयं के कार्य स्थल में कार्यरत कर्मचारियों को व्यक्तिगत लाभ प्रदान करते हुए संस्था में अधिकारियों कर्मचारियों की कमी बताकर अन्यत्र पदस्थ कर अधिकारी कर्मचारियों का संलग्नीकरण कर अपनी कुशल कार्य क्षमता को प्रदर्शित कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी चीर निद्रा में सोए हुए हैं अधिकारी शायद दो-चार बड़े घटना होने पर इनके ध्यान में बात आए बहर हाल बदहाल स्वास्थ्य विभाग कबीरधाम पंडरिया को खुद इलाज की जरूरत है। क्योंकि उत्कृष्ट विधायक भावना बोहरा के क्षेत्र में जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओ को सुदृढ़ करने की योजना है वही पंडरिया बीएमओ द्वारा उनकी योजनाओं के विपरीत कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि शासन, प्रशासन स्वयं संज्ञान में लेकर आगे क्या कार्यवाही करती है

